नमामि गंगे के तत्वावधान में विशेष प्रार्थना, भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को किया गया नमन
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में नमामि गंगे काशी क्षेत्र की ओर से भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बाबा विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार एवं भारत माता की प्रतिमा के समक्ष वीर शहीदों की स्मृति में प्रार्थना की गई तथा देश की सुरक्षा में जुटे सैनिकों के सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय सेना ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम पहाड़ियों में अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की और विश्वभर में भारत की वीरता का परचम लहराया।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि कारगिल विजय दिवस देश के उन अमर शहीदों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मनों को करारा जवाब दिया और कब्जाई गई चोटियों पर पुनः तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाया।
इस अवसर पर नीरज सिंह, सौरभ पाण्डेय, शशिभूषण पाण्डेय, अर्जुन सिंह, नमन पाण्डेय, गोलू यादव, अंकित यादव, शुभम गुप्ता, राकेश कुमार, भावेश सहित अनेक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता और वीर शहीदों की स्मृति को नमन करते हुए किया गया।




