केदारेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार महोत्सव के दूसरे दिन वैदिक विधि से हवन-पूजन, शिव कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी) : चौबेपुर क्षेत्र के ग्राम सभा सोनबरसा में चल रहे तीन दिवसीय अति प्राचीन केदारेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम जारी रहा। इस दौरान मंडप देवता हवन, अधिवास पूजन तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आचार्य संतोष मिश्र के नेतृत्व में विधि-विधान से मूर्ति पूजन संपन्न कराया गया।
इसके पश्चात आयोजित शिव कथा में अयोध्या से पधारे श्री श्री 1008 परम पूज्य सिद्ध बाबा नरसिंह दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु दीक्षा के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा रह जाता है। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति गुरु का मार्गदर्शन ग्रहण नहीं करता, उसका जीवन आध्यात्मिक रूप से अपूर्ण रह जाता है और वह मोक्ष मार्ग से भटक जाता है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य जन्म केवल भोग-विलास के लिए नहीं बल्कि भक्ति, साधना और मोक्ष प्राप्ति के लिए मिला है। यदि इस दुर्लभ मानव जीवन में भक्ति और सत्कर्म नहीं किए गए तो यह जन्म व्यर्थ चला जाता है। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य सदाचार, संयम, भक्ति और गुरु के मार्गदर्शन के साथ वैदिक जीवन पद्धति को अपनाए तो वह जीवन में परम सुख, शांति और संतोष की प्राप्ति कर सकता है। वैदिक संस्कृति मानव जीवन को सही दिशा देने वाली अमूल्य धरोहर है।
कथा के दौरान भगवान शिव की अद्भुत बारात का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसमें सती, शिवगण, भूत-प्रेत, देवताओं और अन्य अलौकिक पात्रों का वर्णन सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे।
इसी क्रम में अयोध्या से ही पधारे विश्व विराट विजय राघव मंदिर के पूज्य महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी महावीर दास जी ने कहा कि जो भक्त श्रद्धा, विश्वास और संयम के साथ भगवान शिव की उपासना करता है, उसके जीवन के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने मार्कण्डेय महादेव के विशेष महत्व पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में अवधेश शुक्ला, बच्चन शुक्ला, मोनू शुक्ला, पवन कुमार चौबे, महादेव शुक्ल, प्रवीण पाठक, विवेक शुक्ला, घनश्याम मिश्रा सहित क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।





