चोलापुर क्षेत्र में तनाव, अफवाह से भड़की भीड़; हालात काबू में, पांच थानों की फोर्स तैनात
चोलापुर (वाराणसी) । चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के ध्वज को लेकर उपजा विवाद शुक्रवार को हिंसक झड़प में बदल गया। उग्र भीड़ द्वारा किए गए पथराव में एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना, एक दरोगा सहित दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत अंबेडकर जयंती के अवसर पर हुई, जब गांव स्थित बटुक भैरवनाथ मंदिर के गेट पर दलित समाज द्वारा अंबेडकर ध्वज लगाया गया था। अगले दिन भगवा ध्वज हटे होने की बात सामने आने पर दो पक्षों में तनाव बढ़ गया। हिंदू संगठनों द्वारा विरोध और चक्काजाम किए जाने के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को संभाला और भगवा ध्वज ना दोबारा लगवाया और आंबेडकर का झंडा हटवा दिया।
शुक्रवार सुबह एक बार फिर दलित समाज के सैकड़ों लोग मंदिर गेट पर अंबेडकर ध्वज पुनः लगाने की मांग को लेकर जुट गए। इसी दौरान पोस्टर जलाए जाने की अफवाह फैल गई, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। नारेबाजी के बीच अचानक भीड़ उग्र हो उठी और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
पथराव में एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि एक दरोगा सहित अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही शिवहरि मीणा (एडिशनल पुलिस कमिश्नर) और प्रमोद कुमार (डीसीपी वरुणा) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।
फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। एहतियातन पांच थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है और इलाके में फ्लैग मार्च किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




