मुख्य पुजारी पं. सुधाकर मिश्रा ने जताई आपत्ति, बोले- मंदिर संपत्ति पर कब्जे की हो रही साजिश
(रिपोर्ट: विवेक राय)
वाराणसी। रामनगर स्थित प्राचीन मां मनसा देवी मंदिर को लेकर नया विवाद सामने आया है। व्यापारियों द्वारा गठित “मां मनसा देवी मंदिर सेवा न्यास” पर मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुधाकर मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने न्यास गठन को मंदिर की संपत्ति और परंपरागत व्यवस्था पर कब्जा करने की साजिश बताया है।
गोलामंडी स्थित मंदिर परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पं. सुधाकर मिश्रा ने कहा कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से मंदिर की पूजा-अर्चना और व्यवस्थाओं का संचालन करता आ रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व काशी नरेश स्वर्गीय ईश्वरी नारायण सिंह के समय से मंदिर का संचालन स्थानीय श्रद्धालुओं और पुजारी परिवार के सहयोग से होता रहा है।
पंडित सुधाकर मिश्रा ने आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट गठन से पहले उनसे कोई चर्चा नहीं की गई और न ही पुजारी परिवार को न्यास में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया गोपनीय तरीके से की गई, जो पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से मंदिर परिसर के आसपास अतिक्रमण और अवैध कब्जे के प्रयास बढ़े हैं। ऐसे में ट्रस्ट गठन का गलत इस्तेमाल होने की आशंका है। पुजारी ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर मंदिर की परंपराओं और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।




