बेरोजगार युवाओं से रजिस्ट्रेशन और सिक्योरिटी फीस के नाम पर वसूली जा रही थी मोटी रकम
(रिपोर्ट: विवेक राय)
वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र के नई बाजार इलाके में नौकरी दिलाने के नाम पर संचालित कथित फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार सुबह साइबर थाना और सारनाथ पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया। मौके से लैपटॉप, मोबाइल फोन, महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर की आड़ में बेरोजगार युवाओं को बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, इंटरव्यू, प्रोसेसिंग और सिक्योरिटी फीस के नाम पर अभ्यर्थियों से हजारों रुपये वसूले जाते थे। आरोप है कि कई युवाओं से करीब 30 हजार रुपये तक की रकम ऐंठी गई।
डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मामले की जांच एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना और थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी को सौंपी गई थी। जांच के दौरान फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर पुलिस ने छापा मारकर आरोपियों को हिरासत में लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरोह सोशल मीडिया और फोन कॉल के जरिए युवाओं को आकर्षक सैलरी वाली नौकरी का लालच देता था। पैसे लेने के बाद या तो फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए जाते थे या फिर संपर्क पूरी तरह खत्म कर दिया जाता था।
छापेमारी में बरामद दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कितने जिलों और राज्यों तक फैला हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे गिरोह के बड़े खुलासे हो सकते हैं।




