भीमचंडी में अफरा-तफरी, महिला श्रद्धालु घायल; ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप
राजातालाब (वाराणसी)। काशी के विश्वप्रसिद्ध पंचकोशी परिक्रमा मार्ग के द्वितीय पड़ाव भीमचंडी में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गंधर्व सागर तालाब के पास एक विशाल पाकड़ के पेड़ की भारी डाल अचानक टूटकर श्रद्धालुओं के बीच गिर पड़ी। हादसे के दौरान मार्ग पर बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और बच्चे मौजूद थे, जो बाल-बाल बच गए।
घटना में चांदपुर निवासी श्रद्धालु पार्वती देवी घायल हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डाल गिरने से उनके पैर में चोट लगी, वहीं अचानक हुए हादसे से वह घबरा गईं, जिससे उनका ब्लड प्रेशर भी बढ़ गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें संभाला और परिजनों को सूचना दी। बाद में उन्हें निजी अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। फिलहाल उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ युवा मंच संयोजक नीरज पांडेय, समाजसेवी राहुल यादव, कोमल सिंह और दीपक राजभर मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए।
ग्रामीणों में नाराजगी, पहले भी दी गई थी चेतावनी
हादसे के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जर्जर और खतरनाक हो चुके इस पेड़ के बारे में पहले ही ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों को कई बार सूचना दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने कहा कि पंचकोशी मार्ग पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। ऐसे संवेदनशील धार्मिक मार्ग पर खतरनाक पेड़ों की अनदेखी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
ग्राम प्रधान विजय गुप्ता ने बताया कि डाल गिरने की घटना से पार्वती देवी काफी भयभीत हो गई थीं, जिसके चलते उनका बीपी बढ़ गया था। लोगों ने प्रशासन से पंचकोशी मार्ग पर जर्जर पेड़ों का तत्काल सर्वे कराकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।




