समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश, शिकायतकर्ताओं से अनिवार्य फीडबैक लेने पर जोर
रिपोर्ट : अभिषेक उपाध्याय
SHREE 7NEWS जौनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में आयोजित आईजीआरएस समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित शिकायतों की गहन समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का स्वयं अवलोकन करें और उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान के बाद संबंधित शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से फीडबैक प्राप्त किया जाए, जिससे निस्तारण की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
बैठक में डीएम ने जांच अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शिकायतों की जांच केवल औपचारिकता के रूप में न करें, बल्कि स्वयं मौके पर पहुंचकर तथ्यों का सत्यापन करें और निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंने कहा कि निस्तारण आख्या में जांचकर्ता एवं संस्तुतिकर्ता अधिकारी के हस्ताक्षर, पदनाम की मोहर तथा दिनांक का स्पष्ट उल्लेख होना अनिवार्य है।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि, कब्जा एवं अन्य विवादों से संबंधित मामलों में संयुक्त जांच कर एकीकृत आख्या प्रस्तुत की जाए, ताकि रिपोर्ट में किसी प्रकार की विसंगति या विरोधाभास न रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनशिकायतों का प्रभावी निस्तारण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक आयुष श्रीवास्तव, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट, नगर मजिस्ट्रेट इंद्रनंदन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




