चौबेपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गैंग लीडर समेत पांच आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS चौबेपुर (वाराणसी)। साइबर अपराध के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ चौबेपुर थाना पुलिस ने कड़ा कदम उठाते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना शमीम अंसारी सहित पांच आरोपियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 3(1) के अंतर्गत कार्रवाई की है।
पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में शमीम अंसारी के अलावा फकरुद्दीन उर्फ निरंजन, नसीम अंसारी, शहाबुद्दीन अंसारी तथा साहब लाल मरांडी को नामजद किया गया है। प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर द्वारा तैयार गैंग चार्ट को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी से अनुमोदन मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह संगठित तरीके से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित करता था। आरोपी विभिन्न राज्यों में घूम-घूमकर लोगों को झांसे में लेकर आर्थिक लाभ अर्जित करते थे। गिरोह के सदस्य साइबर अपराध के माध्यम से भोले-भाले लोगों को अपना निशाना बनाते थे।
पुलिस के अनुसार 8 दिसंबर 2025 को चौबेपुर थाना क्षेत्र निवासी मदन मिश्रा की शिकायत पर साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन, गिरफ्तारी एवं बरामदगी के आधार पर आरोपियों के नाम प्रकाश में आए। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत आरोप पत्र 25 अप्रैल 2026 को न्यायालय में प्रेषित किया जा चुका है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्यों के खिलाफ झारखंड के धनबाद जनपद में भी गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अभिलेखों के अनुसार संबंधित मामलों में भी आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है।
पुलिस जांच में यह तथ्य भी उजागर हुआ कि गिरोह के सदस्य समाज में सफेदपोश अपराधियों की तरह रहकर संगठित अपराधों को अंजाम देते थे। उनके भय और प्रभाव के कारण आम लोग शिकायत दर्ज कराने या गवाही देने से कतराते थे। उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर गिरोह को समाज विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाया गया।
थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के अध्याय-6 एवं अध्याय-17 में वर्णित अपराधों के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध एवं संगठित अपराध में शामिल गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।




