विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर लोगों को किया जागरूक, ‘नशा छोड़ो-जीवन जोड़ो’ का लिया संकल्प
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS चौबेपुर (वाराणसी)। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर उमाकांत सर्विस फाउंडेशन, कोदोपुर चौबेपुर तथा नशा निवारण केंद्र चहनियां (चंदौली) के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान नशे और तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए रैली निकाली गई तथा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कोदोपुर से निकाली गई जागरूकता रैली शाहपुर, भगवानपुर, पनिहरी और दानियालपुर होते हुए पुनः कोदोपुर स्थित नशा मुक्ति एवं उन्मूलन केंद्र पहुंची, जहां रैली एक जनसभा में परिवर्तित हो गई। रैली में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर “जीवन जियो भरपूर, नशे से रहो दूर” जैसे प्रेरणादायक स्लोगन के माध्यम से लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. ए.के. सिंह ने कहा कि तंबाकू हमारे आसपास आसानी से उपलब्ध होने वाला एक धीमा जहर है, जो शरीर को अंदर ही अंदर खोखला कर देता है। उन्होंने कहा कि लोग तंबाकू और धूम्रपान से होने वाली गंभीर बीमारियों के बारे में जानते हैं, टीवी और सोशल मीडिया पर चेतावनी भी देखते हैं, लेकिन इसके बावजूद जागरूकता के प्रति गंभीरता नहीं दिखाते।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम “निकोटीन और तंबाकू की लत का पर्दाफाश” है। तंबाकू और अन्य नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि परिवार और समाज को भी गंभीर संकट में डाल देती है। नशे के कारण कई परिवार आर्थिक, सामाजिक और मानसिक समस्याओं से जूझने लगते हैं।
डॉ. सिंह ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए संकल्प लें कि न स्वयं किसी प्रकार का नशा करेंगे और न ही अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को नशे की ओर बढ़ने देंगे।
कार्यक्रम में वेदप्रकाश सिंह, अभय कुमार, देवव्रत सिंह, लालमती, शिवशंकर गौड़, आशीष पांडेय, इकबाल सलमानी, राकेश कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह तथा रजनीकांत सिंह सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए तंबाकू और नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला।
अंत में उपस्थित लोगों ने स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।




