साइबर थाना और कैंट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 17 मोबाइल, 10 लैपटॉप व क्रिप्टो डिवाइस बरामद
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर थाना एवं कैंट पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी, फर्जी डिजिटल विज्ञापनों और साइबर ठगी से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 17 मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप, एक क्रिप्टो वॉलेट डिवाइस तथा नकदी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार एक जून की सुबह मुखबिर की सूचना पर भोजूबीर स्थित सिद्धि हाइट्स अपार्टमेंट के बेसमेंट में छापेमारी की गई। सूचना मिली थी कि वहां से ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी और बेटिंग नेटवर्क संचालित किया जा रहा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और सभी संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी “आरडी” नाम से एक एड एजेंसी संचालित करते थे। यह गिरोह विभिन्न टेलीग्राम चैनलों के प्रचार-प्रसार के लिए मेटा प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन चलाता था। इन चैनलों के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों तक पहुंचाया जाता था, जहां आईपीएल सहित अन्य क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगाया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी फर्जी फेसबुक आईडी और बैंक खातों का इस्तेमाल कर विज्ञापन प्रकाशित करते थे। प्रसिद्ध यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की तस्वीरों एवं आवाज का एआई तकनीक के माध्यम से दुरुपयोग कर फर्जी वीडियो और डिजिटल पोस्टर तैयार किए जाते थे। इन भ्रामक विज्ञापनों के जरिए अधिक से अधिक लोगों को बेटिंग प्लेटफॉर्म और टेलीग्राम चैनलों से जोड़ा जाता था।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्हें विज्ञापन चलाने के बदले कमीशन मिलता था। इसके अलावा ऑनलाइन सट्टेबाजी से होने वाली कमाई का हिस्सा भी उन्हें प्राप्त होता था।
पुलिस को बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप से बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य, टेलीग्राम चैनलों की जानकारी, फर्जी विज्ञापन सामग्री, मेटा विज्ञापन खातों का डेटा तथा बेटिंग नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त हुए हैं।
रितेश दिवाकर शुक्ला (कपसेठी), रवि यादव (चोलापुर), अर्पित तिवारी (सुल्तानपुर), अमन सिंह (फूलपुर), विकास पटेल (जौनपुर), जियाउलहक शेख (बिहार), सचिन सिंह (जयपुर), गौरव चौहान (जयपुर), देवेश चौहान (जयपुर), अनिकेत कुमार (फतेहपुर), अमित तिवारी (जौनपुर), सौरभ चौहान (इटावा) तथा राहुल मौर्य (बहराइच) को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह तकनीकी रूप से अत्यंत सक्रिय और संगठित था। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।




