150 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा अत्याधुनिक केंद्र, बुजुर्गों को मिलेंगी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं
रिपोर्ट: विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS, वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) स्थित चिकित्सा विज्ञान संस्थान में निर्माणाधीन अत्याधुनिक “नेशनल सेंटर फॉर एजिंग” का स्थलीय निरीक्षण किया। लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस सात मंजिला और 200 बेड वाले आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र को बुजुर्गों की विशेष चिकित्सा सुविधाओं के लिए विकसित किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्यदायी संस्था के अभियंताओं को निर्देश दिया कि परियोजना को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। उन्होंने निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता और मानकों का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया तथा बीएचयू प्रशासन को भी कार्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
बताया गया कि यह नेशनल सेंटर फॉर एजिंग देश का तीसरा तथा उत्तर भारत का प्रमुख जराचिकित्सा केंद्र होगा। निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस केंद्र में बुजुर्गों के लिए मल्टी-स्पेशियलिटी जेरिएट्रिक ओपीडी, मेमोरी क्लिनिक, गठिया (अर्थराइटिस) क्लिनिक सहित कई विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस केंद्र में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, प्राइवेट वार्ड, डे-केयर यूनिट, पुनर्वास सेवाएं और आधुनिक रेडियोलॉजी एवं जांच सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। इसके साथ ही यह संस्थान जराचिकित्सा के क्षेत्र में शोध, प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।
बीएचयू प्रशासन के अनुसार केंद्र के संचालन के बाद बुजुर्ग मरीजों को एक ही स्थान पर समग्र एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही एमडी जराचिकित्सा की सीटों में वृद्धि कर वरिष्ठ चिकित्सकों और विशेषज्ञों की नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बुजुर्गों के बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह केंद्र वृद्धजन स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




