भूमि अधिग्रहण और कथित अनियमितताओं के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे सैकड़ों किसान
SHREE 7NEWS, वाराणसी। भूमि अधिग्रहण, कथित फर्जी रजिस्ट्रियों और स्टांप शुल्क में अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को वाराणसी के गंजारी, हरसोस, हरपुर और शिवसागर सहित कई गांवों के किसान जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। किसानों ने सब्जियों की माला पहनकर अनोखे ढंग से विरोध-प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि काशी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट परियोजना के लिए 16 गांवों की भूमि अधिग्रहित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें बरकी, सकलपुर कटवान, रामपुर खास, दिलावलपुर, चक सोनबरसा, भीकमपुर, दोमानपुर, देवापुर खुर्द, लालपुर, अरका, कंसरायपुर, ढीकहां, करदाना अमीनी, आदमपुर और चकतालपरेवा सहित अन्य गांव शामिल हैं।
किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अपनी कृषि भूमि का अधिग्रहण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे और “एक इंच भी जमीन नहीं देंगे” के संकल्प के साथ जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
हरसोस गांव के किसानों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के विरोध में आवाज उठाने वाले युवाओं और ग्रामीणों पर प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस द्वारा देर रात लोगों को पूछताछ के नाम पर थाने ले जाकर परेशान किया जाता है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए। किसानों ने कहा कि उनकी जमीन उनके पूर्वजों की धरोहर है और वह इसे अपनी “मां” के समान मानते हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से उनकी भावनाओं और आजीविका से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेने की मांग की।
किसानों ने जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेजकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने तथा किसानों की सहमति के बिना किसी भी प्रकार की कार्रवाई न किए जाने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।




