माताओं और शिशुओं को मिलेगी सुरक्षित एवं सम्मानजनक सुविधा, स्तनपान जागरूकता संगोष्ठी का भी आयोजन
रिपोर्ट : विवेक राय
वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल चिकित्सालय में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नव स्थापित शिशु आहार कक्ष (बेबी फीडिंग बूथ) का उद्घाटन किया गया। मंडल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती वाणी जैन ने फीता काटकर इस सुविधा का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मंडल महिला कल्याण संगठन की कार्यकारिणी सदस्याओं, चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती वाणी जैन ने बताया कि वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री शेख रहमान के विशेष प्रयासों तथा स्वयंसेवी संस्था लेडीज सर्किल वाराणसी के सहयोग से इस महत्वपूर्ण सुविधा की स्थापना संभव हो सकी है।
उन्होंने कहा कि शिशु आहार कक्ष का उद्देश्य अस्पताल आने वाली माताओं को अपने शिशुओं को स्तनपान कराने एवं उनकी देखभाल के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, आरामदायक और गोपनीय वातावरण उपलब्ध कराना है। यह सुविधा न केवल माताओं को सम्मानजनक वातावरण प्रदान करेगी, बल्कि शिशुओं के स्वास्थ्य, पोषण एवं समुचित विकास को भी प्रोत्साहित करेगी।
उद्घाटन के उपरांत श्रीमती वाणी जैन ने नव स्थापित कक्ष का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। शिशु आहार कक्ष में आरामदायक बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश, स्वच्छ वातावरण, उचित वेंटिलेशन तथा आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। यह सुविधा अस्पताल आने वाली माताओं और नवजात शिशुओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
कार्यक्रम के अंतर्गत मंडल चिकित्सालय के सेमिनार कक्ष में स्तनपान जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। संगोष्ठी में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. जे. चौधुरी तथा अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कल्पना दुबे ने स्तनपान के महत्व, उसके स्वास्थ्य लाभों तथा शिशु के सर्वांगीण विकास में उसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विशेषज्ञों ने महिलाओं को जागरूक करते हुए बताया कि स्तनपान नवजात शिशुओं के लिए सर्वोत्तम पोषण का स्रोत है और यह मां एवं शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. जे. चौधुरी द्वारा किया गया। वाराणसी मंडल द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए की गई यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक संवेदनशील, समावेशी एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में एक सराहनीय और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




