अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने लगाया 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड, जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS, चौबेपुर (वाराणसी)। चौबेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बराईं में वर्ष 2019 में घर में घुसकर एक वृद्ध और महिला के साथ मारपीट तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-6 श्री आलोक कुमार की अदालत ने शुक्रवार को तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने तीनों दोषियों पर 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
वादी पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रजेश कुमार मिश्रा के अनुसार, 31 जुलाई 2019 की शाम लगभग पांच बजे ग्राम बराईं निवासी घनश्याम मिश्रा अपने घर पर बैठे थे। इसी दौरान गांव का निवासी रिंकू राजभर ऊंची आवाज में अश्लील गीत गा रहा था। इसका विरोध करने पर रिंकू राजभर अपने साथ हरिश्चंद्र राजभर और अनिल राजभर को लेकर लाठी-डंडों से लैस होकर घनश्याम मिश्रा के घर पहुंच गया और घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की, जिससे वृद्ध को गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद घनश्याम मिश्रा के पुत्र श्रवण कुमार मिश्रा ने उसी दिन चौबेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने रिंकू राजभर, हरिश्चंद्र राजभर एवं अनिल राजभर को भारतीय दंड संहिता की धारा 325, 506, 452 और 323 के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने प्रत्येक आरोपी को सभी धाराओं में कुल 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
मामले की पैरवी एडीजीसी के अलावा वादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रजेश कुमार मिश्रा, अधिवक्ता राहुल पांडेय एवं अंशुमान पांडेय ने की। न्यायालय के फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने संतोष व्यक्त किया।





