सिल्क उत्पाद ऋण की सब्सिडी के लिए एनओसी जारी करने के नाम पर मांगी थी घूस, सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने रंगे हाथ दबोचा
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS, वाराणसी। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, वाराणसी में तैनात सहायक प्रबंधक श्रीपाल को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी सेक्टर की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उन्होंने सिल्क उत्पाद के लिए लिए गए ऋण पर सब्सिडी संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता अमृतेश चौरसिया ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, महावीर मंदिर शाखा से सिल्क उत्पाद के लिए 11 लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए उन्हें उपायुक्त उद्योग कार्यालय, लहरतारा से अनापत्ति प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। इसी कार्यालय में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत श्रीपाल ने एनओसी जारी करने के बदले पांच हजार रुपये की मांग की थी।
अमृतेश चौरसिया ने मामले की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी सेक्टर से की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गोपनीय जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप टीम गठित कर कार्रवाई की गई।
सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने 19 जून 2026 को सरस्वती नगर कॉलोनी, मिटारी, थाना लोहता क्षेत्र से आरोपी श्रीपाल को अमृतेश चौरसिया से पांच हजार रुपये लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, वाराणसी सेक्टर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सतर्कता अधिष्ठान ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। शिकायत दर्ज कराने के लिए रिश्वत विरोधी हेल्पलाइन नंबर 9454401866 एवं 9454401222 जारी किए गए हैं। विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।





