चंदौली के परोरवा कंपोजिट विद्यालय में आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों पर भी विशेष जोर, लगभग एक हजार छात्र कर रहे अध्ययन
रिपोर्ट विवेक राय
रामनगर (चंदौली)। आज के दौर में जहां अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को निजी एवं कॉन्वेंट विद्यालयों में शिक्षा दिलाने को प्राथमिकता देते हैं, वहीं चंदौली जनपद के नियमताबाद ब्लॉक स्थित परोरवा कंपोजिट विद्यालय अपनी उत्कृष्ट शैक्षिक व्यवस्था और अनुशासित वातावरण के बल पर एक नई मिसाल कायम कर रहा है। यह विद्यालय आधुनिक शिक्षण पद्धति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्कारयुक्त माहौल के कारण क्षेत्र में अलग पहचान बना चुका है।
विद्यालय में वर्तमान समय में परोरवा और मन्नापुर सहित आसपास के गांवों के लगभग एक हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। विद्यालय की इस उपलब्धि के पीछे प्रधानाध्यापक राम इच्छा सिंह की वर्षों की मेहनत, समर्पण और दूरदर्शी सोच का महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।
विद्यालय में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित की जाती हैं। साथ ही बच्चों को कंप्यूटर, टैबलेट और डिजिटल माध्यमों से शिक्षा देकर आधुनिक तकनीक से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों और संस्कारों का भी विकास कराया जा रहा है।
पोषण, स्वास्थ्य और अनुशासन पर विशेष ध्यान
विद्यालय में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रतिदिन ताजा भोजन तैयार किया जाता है, जिसके लिए चार रसोइयों की नियुक्ति की गई है। समय-समय पर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है तथा उन्हें फल एवं दूध भी उपलब्ध कराया जाता है। इन सभी व्यवस्थाओं की स्वयं प्रधानाध्यापक निगरानी करते हैं।
विद्यालय में लगभग 15 से 20 शिक्षकों एवं कर्मचारियों का स्टाफ कार्यरत है, जो प्रधानाध्यापक के नेतृत्व में टीम भावना के साथ शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में जुटा हुआ है। यही कारण है कि परोरवा कंपोजिट विद्यालय आज सरकारी विद्यालयों की बदलती तस्वीर का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है और जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया मानक स्थापित कर रहा है।






