फर्जी नियुक्ति पत्र देकर वर्षों तक गुमराह करते रहे आरोपी, रकम मांगने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS, चौबेपुर (वाराणसी)। चौबेपुर थाना क्षेत्र के व्यासपुर गांव निवासी एक युवक से डाक विभाग में शाखा डाकपाल (बीपीएम) की नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख 20 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस से अपेक्षित कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली, जिसके आदेश पर चौबेपुर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
व्यासपुर निवासी अम्बरीश चौबे ने आरोप लगाया कि उनके रिश्तेदार प्रिंस दूबे ने अपने साले के डाक विभाग में निरीक्षक पद पर तैनात होने का हवाला देते हुए बीपीएम की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके लिए 10 से 15 लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई। नौकरी की उम्मीद में अम्बरीश ने कर्ज लेकर 10 लाख 20 हजार रुपये आरोपियों को सौंप दिए।
पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने डाक विभाग का कथित नियुक्ति पत्र (कॉल लेटर) भी उपलब्ध कराया, लेकिन बाद में वह फर्जी निकला। काफी समय तक आश्वासन मिलने के बाद जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की।
अम्बरीश चौबे का आरोप है कि करीब चार वर्ष बाद जब उन्होंने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। प्रारंभ में पुलिस द्वारा मामले को गंभीरता से न लेने पर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
न्यायालय के आदेश पर चौबेपुर पुलिस ने महाराजगंज निवासी प्रिंस दूबे, उनकी पत्नी उमा दूबे, सिद्धार्थनगर निवासी अनूप त्रिपाठी उर्फ मोलू तथा कलावती देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेंद्र प्रसाद यादव को सौंपी गई है।
प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।





