स्नान पूर्णिमा महोत्सव पर उमड़ा आस्था का सैलाब, दुर्लभ दर्शन कर श्रद्धालुओं ने मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS, वाराणसी। अस्सी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में सोमवार को स्नान पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा का वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच गंगाजल सहित विभिन्न पवित्र जलों से विधि-विधानपूर्वक भव्य महाभिषेक किया गया। महाभिषेक के दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय जगन्नाथ” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
स्नान पूर्णिमा के अवसर पर प्रातःकाल से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दिनभर दर्शन-पूजन, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की।
धार्मिक परंपरा के अनुसार स्नान पूर्णिमा के महाभिषेक के बाद भगवान जगन्नाथ भक्तों के प्रेमवश अस्वस्थ हो जाते हैं। इसके उपरांत वे 14 दिनों तक ‘अनसर गृह’ (अज्ञातवास) में विश्राम करेंगे। इस अवधि में नियमित दर्शन बंद रहेंगे। स्वस्थ होने के बाद भगवान भव्य रथयात्रा में रथ पर आरूढ़ होकर नगर भ्रमण करेंगे तथा अपने भक्तों को पुनः दर्शन देंगे।
स्नान पूर्णिमा की विशेष परंपरा के तहत भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को श्वेत वस्त्र धारण कराकर मंदिर की छत पर विराजमान किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के दुर्लभ दर्शन किए। मान्यता है कि इस दिन भगवान के दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
महाभिषेक के दौरान वैदिक ऋचाओं, शंखध्वनि और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भगवान का गंगाजल से अभिषेक किया गया। पूरे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर भगवान जगन्नाथ के जयघोष करते रहे।




