किसान नेता अजीत सिंह डोभी ने प्रशासन से की पहल की अपील, बोले—शहीदों की स्मृति को राष्ट्रीय सम्मान से जोड़ना जरूरी
रिपोर्ट: विवेक राय
SHREE 7NEWS, चोलापुर (वाराणसी)। आजादी के आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले चोलापुर के पांच वीर शहीदों की स्मृति को सम्मान देने के लिए चोलापुर शहीद स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लगाए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। किसान नेता अजीत सिंह डोभी ने प्रशासन और सरकार से शहीद स्मारक पर सम्मानपूर्वक एवं स्थायी रूप से तिरंगा फहराने की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
अजीत सिंह डोभी ने कहा कि देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत किया जा रहा है। ऐसे में चोलापुर थाना परिसर स्थित शहीद स्मारक पर तिरंगा न होना गंभीरता से विचार करने का विषय है। उन्होंने कहा कि जिन वीर सपूतों ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान तिरंगा फहराने के प्रयास में अपने प्राण न्योछावर किए, उनके स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज का सम्मानपूर्वक प्रदर्शन सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
किसान नेता के अनुसार, वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान चोलापुर के पांच वीर सपूतों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया था। उन्होंने कहा कि इन शहीदों की स्मृति केवल स्मारक तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा और राष्ट्रभक्ति का केंद्र बनाया जाना चाहिए।
अजीत सिंह डोभी ने कहा कि शहीदों का सम्मान किसी विशेष दिवस, कार्यक्रम अथवा अभियान तक सीमित नहीं होना चाहिए। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों के स्मारक पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराना उनके प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करेगा।
उन्होंने प्रशासन से शहीद स्मारक पर शीघ्र तिरंगा लगाए जाने के साथ उसके संरक्षण और सौंदर्यीकरण की भी मांग की। साथ ही स्मारक परिसर में शहीदों से संबंधित प्रमाणिक ऐतिहासिक जानकारी प्रदर्शित करने की व्यवस्था किए जाने पर जोर दिया, ताकि युवा पीढ़ी चोलापुर के वीर सपूतों के बलिदान और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान से परिचित हो सके।
किसान नेता ने कहा कि शहीदों की स्मृति को जीवित रखना केवल सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का नैतिक दायित्व है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से भी शहीद स्मारक के सम्मान और संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।




