तनाव, अवसाद और आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर चिंता; पूर्वांचल के छह जिलों के प्रतिनिधियों ने चलाया जनजागरण अभियान का संकल्प
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS, वाराणसी। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज को जागरूक बनाने और तनाव, अवसाद तथा आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याओं की रोकथाम के उद्देश्य से अभिलाषा ट्रस्ट द्वारा सारनाथ स्थित अंबेडकर शिक्षा समिति परिसर में “मानसिक स्वास्थ्य और हम” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आए लगभग 60 सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े समसामयिक विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने युवाओं में बढ़ते तनाव, आक्रोश, निराशा, छात्रों की आत्महत्या, नशे की प्रवृत्ति, सामाजिक हिंसा और बढ़ती असहिष्णुता जैसे विषयों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए समाज, परिवार और सामाजिक संगठनों को मिलकर कार्य करना होगा। प्रतिभागियों ने विभिन्न वर्गों तक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पहुँचाने के लिए समन्वित अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय, कबीरचौरा के मानसिक रोग विभाग की मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक कार्यक्रम निदेशक डॉ. इरा ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सरकारी योजनाओं, उपचार सुविधाओं और परामर्श सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समय रहते मानसिक समस्याओं की पहचान और उचित परामर्श को अत्यंत आवश्यक बताया।
कार्यशाला में डॉ. त्रिपाठी, डॉ. नीति भांई, मूसा आजमी, जितेन्द्र एवं अजीत सहित कई वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखे। वहीं युवा प्रतिभागियों अरविंद, प्रेम नट, ममता, कुमकुम, डॉ. गोरखनाथ, कमलेश और जुली सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर आधारित एक पोस्टर प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें तनाव, अवसाद और आत्महत्या की रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण संदेश एवं जानकारियाँ प्रदर्शित की गईं। प्रदर्शनी ने प्रतिभागियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
बैठक में वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, अकबरपुर और भदोही सहित विभिन्न जिलों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महिलाओं, युवाओं, छात्रों, बच्चों तथा वंचित वर्गों के बीच मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने और तनाव, अवसाद एवं आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जागृति ने किया, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता नीति भांई ने की। कार्यशाला का समापन समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और जन-जागरूकता को व्यापक स्तर तक पहुँचाने के संकल्प के साथ हुआ।




