व्यापारियों के समर्थन में उतरे विभिन्न राजनीतिक दल, नगर आयुक्त को सौंपा आठ सूत्रीय ज्ञापन; निर्णय वापस लेने की उठी मांग
रिपोर्ट: विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS, वाराणसी। नगर निगम द्वारा शहर की मीट, मछली एवं मुर्गा की दुकानों को नगर सीमा से बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में मंगलवार को व्यापारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सभा आयोजित कर इस निर्णय को वापस लेने की मांग की तथा नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को आठ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
प्रदर्शन में मीट एवं मछली व्यवसायियों के साथ कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और वामपंथी दलों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि शहर की दुकानों को 10 से 15 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने का निर्णय न केवल छोटे व्यापारियों की आजीविका पर सीधा असर डालेगा, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी भी संकट में पड़ जाएगी।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यदि दुकानें शहर से दूर स्थापित की जाती हैं तो ग्राहकों को भी आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी। उनका कहना था कि स्वच्छता के नाम पर केवल छोटे कारोबारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि बड़े मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और ऑनलाइन खाद्य कारोबार पर इस तरह की कोई पाबंदी लागू नहीं की जा रही है। इसे छोटे व्यापारियों के साथ भेदभाव और अन्याय बताया गया।
प्रदर्शन के बाद व्यापारियों एवं विभिन्न संगठनों ने नगर निगम से पैदल मार्च भी निकाला। इस मार्च में सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में मीट, मछली और मुर्गा व्यवसाय से जुड़े लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, समाजवादी पार्टी के पार्षद हारून, लालू यादव, आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के अजय मुखर्जी, अवधेश पटेल, सुमित सोनकर, मीरा देवी सहित अनेक राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नंदलाल मास्टर एवं संजीव सिंह ने किया।




