राज्यमंत्री असीम अरुण और पूर्व सांसद प्रदीप टमटा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने की सहभागिता, समाज के अधिकारों, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा पर दिया जोर
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS, वाराणसी। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास समिति के तत्वावधान में मंगलवार को प्रसिद्ध समाजसेवी नरेंद्र कुमार शास्त्री की 95वीं जयंती के अवसर पर स्वाभिमान सम्मेलन का आयोजन कैंट स्थित नरेंद्र कुमार शास्त्री अनुसूचित जाति छात्रावास में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन में बड़ी संख्या में समाज के लोगों, महिलाओं, युवाओं एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर सामाजिक एकता और स्वाभिमान का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री असीम अरुण तथा पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप टमटा उपस्थित रहे। वहीं, विधायक त्रिभुवन राम ने भी सम्मेलन में सहभागिता कर अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने संबोधन में राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि समाज के सम्मान, स्वाभिमान और समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय केवल अधिकारों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना भी समय की मांग है।
पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप टमटा ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज ने अपने अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है। अब समय आ गया है कि समाज के मान-सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा करते हुए विकास और प्रगति के नए आयाम स्थापित किए जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर अवसर मिल सकें।
सम्मेलन के आयोजक डॉ. राजेश चौधरी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक जागरूकता, आत्मविश्वास और संगठनात्मक एकता को नई दिशा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम का समापन समाज के उत्थान, शिक्षा, समान अवसर और सामाजिक समरसता के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में माताएं, बहनें, युवा एवं समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।




