जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद हुई कार्रवाई, सीमांकन के खूँटे उखाड़ने और धमकी देने का आरोप; पुलिस ने शुरू की जांच
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7 NEWS, चौबेपुर (वाराणसी)। अमौली गांव में राजस्व विभाग द्वारा कराई गई सरकारी मेड़बंदी के बाद सीमांकन के खूँटे उखाड़कर दोबारा भूमि पर कब्जा करने के आरोप में पुलिस ने जिलाधिकारी के हस्तक्षेप पर छह लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायतकर्ता महेंद्र नारायण मौर्य ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना-पत्र में बताया कि उपजिलाधिकारी के आदेश पर राजस्व संहिता की धारा-24 के अंतर्गत उनकी आराजी संख्या-341 का सीमांकन कराया गया था। इसके बाद 28 जून को राजस्व निरीक्षक ने पुलिस बल की मौजूदगी में मेड़बंदी कर सीमांकन के लिए खूँटे गड़वाए थे।
आरोप है कि राजस्व टीम के लौटने के बाद रामजी मौर्य, गंगा मौर्य, गौरीशंकर विश्वकर्मा, रामभरोसा मौर्य, बबलू मौर्य उर्फ दिलीप कुमार तथा रीता मौर्य ने सीमांकन के खूँटे उखाड़कर फेंक दिए और पुनः विवादित भूमि पर कब्जा कर लिया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, अगले दिन ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर सीमांकन के सभी निशान भी मिटा दिए गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर चौबेपुर पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




