कथित गलत टीकाकरण प्रकरण की जांच शुरू, पीएचसी प्रभारी ने आरोपी एएनएम को हटाकर नई तैनाती के दिए निर्देश
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चिरईगांव (वाराणसी)। कथित गलत टीकाकरण के बाद नवजात शिशु की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार के निर्देश पर मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) चिरईगांव के प्रभारी डॉ. राजनाथ राम के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच टीम मातृ-शिशु कल्याण उपकेंद्र कादीपुर खुर्द पहुंची और पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल की।
जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृत नवजात के परिजनों के साथ-साथ बीमार दोनों शिशुओं के परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। परिजनों ने कथित लापरवाही के लिए संबंधित एएनएम को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। पीएचसी प्रभारी ने मृतक शिशु के परिजनों को सांत्वना दी तथा बीमार बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी।
जांच टीम ने कादीपुर खुर्द स्थित मातृ-शिशु कल्याण उपकेंद्र का निरीक्षण भी किया। इस दौरान ग्रामीणों ने संबंधित एएनएम पर भरोसा न होने की बात कहते हुए उनसे टीकाकरण कराने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों की आपत्ति को देखते हुए पीएचसी प्रभारी ने संबंधित एएनएम को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाकर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से संबद्ध कर दिया तथा उनकी जगह एएनएम सीमा मौर्य की तैनाती करते हुए नियमित टीकाकरण कार्य जारी रखने के निर्देश दिए।
पीएचसी प्रभारी डॉ. राजनाथ राम ने बताया कि टीकाकरण रजिस्टर में तीनों शिशुओं को केवल बीसीजी वैक्सीन लगाए जाने का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में बीसीजी वैक्सीन से मृत्यु की संभावना नहीं मानी जाती, फिर भी नवजात की मौत अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी हर पहलू से निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच दल में एचईओ डॉ. मानसी गुप्ता, एआरओ काव्या सिंह तथा बीपीएम सरिता सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।




