घरेलू सामान मलबे में दबकर नष्ट, पीड़ित परिवार को राहत दिलाने के लिए प्रशासन व समाजसेवियों ने बढ़ाया सहयोग का हाथ
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी (चौबेपुर)। लगातार हो रही बारिश ने चौबेपुर क्षेत्र के ग्राम सभा छित्तमपुर में एक परिवार पर कहर बरपा दिया। अत्यधिक वर्षा के चलते रीता देवी, पत्नी स्वर्गीय विजय खरवार का पुराना कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि एक बकरे की मौत हो गई। मकान में रखा घरेलू सामान और आवश्यक सामग्री भी मलबे में दबकर पूरी तरह नष्ट हो गई।
घटना के बाद घायल महिला को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका एक्स-रे सहित आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। मकान गिरने से परिवार के सामने सिर छिपाने और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही अजय सामाजिक सेवा समिति के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह के निर्देश पर समाजसेवी अनिल सिंह ‘सिंटू बाबा’ ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने राजस्व विभाग के लेखपाल सहित संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर पीड़ित परिवार को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने की मांग की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों की सहायता करना समाज का दायित्व है और समिति हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में शामिल है, लेकिन अब तक उन्हें आवास का लाभ नहीं मिल सका। परिवार एक जर्जर कमरे में रहकर जीवनयापन कर रहा था। मकान ढहने के बाद उनके सामने रहने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) चोलापुर शिवनारायण सिंह ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार आपदा राहत मद से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं लेखपाल भूपेंद्र प्रताप ने घटना का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अजय सामाजिक सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि समिति प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर पीड़ित परिवार को राहत सामग्री, आर्थिक सहायता तथा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
उधर स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ तथा आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि परिवार सामान्य जीवन की ओर लौट सके।




