पहली बार संस्कृत भाषा में हुआ विधान, अष्टाह्निक पर्व पर श्रद्धालुओं ने किया पूजन-अर्चन
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। दिगम्बर जैन समाज सारनाथ के तत्वावधान में 1008 भगवान श्री श्रेयांसनाथ जी की गर्भ, जन्म, तप एवं ज्ञान कल्याणक स्थली पर श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आरंभ मंगल कलश यात्रा, ध्वजारोहण, भगवान के अभिषेक एवं विश्वशांति के लिए शांतिधारा के साथ हुआ।
इसके बाद नित्य पूजन, तीर्थंकर श्रेयांसनाथ पूजन, नन्दीश्वर द्वीप पूजन एवं सिद्धों की भक्ति के पश्चात प्रथम दिवस के आठ अर्घ्य समर्पित किए गए। महाअर्घ्य एवं शांति विसर्जन के साथ विधान संपन्न हुआ।
इस बार विशेष रूप से पूरा विधान पहली बार देववाणी संस्कृत में संपन्न कराया गया, जिससे श्रद्धालु आध्यात्मिक वातावरण में भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम में मुकेश जैन, विजय कुमार जैन, आदीश जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विधान का संचालन नीरज जैन एवं सुधा सेठी परिवार ने किया। गुरुदेव आचार्य विद्यासागर जी महाराज की आज्ञा स्मरण करते हुए विधान के निर्विघ्न संपन्न होने की मंगलकामना की गई।




