डेटा आधारित कार्ययोजना से ग्राम पंचायतों के समग्र विकास पर दिया गया विशेष जोर
रिपोर्ट विवेक राय
हरहुआ (वाराणसी)। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के अंतर्गत जिला संसाधन केंद्र, वाराणसी मंडल के मार्गदर्शन में विकास खंड हरहुआ सभागार में पंचायत विकास योजना (GPDP) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में विकास खंड की सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों एवं पंचायत सहायकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एडीपीआरओ राकेश कुमार यादव, उपनिदेशक (पंचायत) वाराणसी मंडल, बीडीओ हरहुआ छोटे लाल तिवारी, एडीओ पंचायत कमलेश कुमार सिंह, ग्राम पंचायत सचिवों एवं पंचायत सहायकों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए एडीपीआरओ राकेश कुमार यादव ने कहा कि पंचायत विकास योजना को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए अब डेटा आधारित मूल्यांकन प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना का मूल्यांकन 15 गुणवत्ता संकेतकों के आधार पर किया जाएगा, जिससे विकास योजनाओं की गुणवत्ता और परिणाम बेहतर होंगे।
बीडीओ छोटे लाल तिवारी ने बताया कि ग्राम पंचायतों के लिए 100 अंकों का स्कोरिंग फ्रेमवर्क निर्धारित किया गया है। इसमें ग्राम सभा की नियमित बैठक, जनभागीदारी, अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाओं एवं बुजुर्गों की सहभागिता, महिला एवं बाल सभा का आयोजन, पंचायत प्रोफाइल का अद्यतन, स्थानीय राजस्व (OSR) में वृद्धि तथा कम लागत एवं बिना लागत वाली विकास गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी 15 गुणवत्ता संकेतकों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार होने से ग्राम पंचायतों का समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पंचायत विकास योजना के साथ-साथ “मेरी पंचायत-हरित पंचायत” तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन-2026 विषयों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों को पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण सत्र में मास्टर ट्रेनर शैलजा उपाध्याय एवं रमेश कुमार बागी ने प्रतिभागियों को पंचायत विकास योजना के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में विकास खंड के सभी ग्राम पंचायत सचिव एवं पंचायत सहायक उपस्थित रहे।





