ज्योतिषाचार्य पं. नीरज कान्त द्विवेदी एवं पं. उद्देश्य द्विवेदी के श्रीचरणों में श्रद्धा अर्पित कर गुरु-शिष्य परंपरा को सुदृढ़ बनाने का किया आह्वान
रिपोर्ट: विवेक राय
वाराणसी। गुरु पूर्णिमा महापर्व के पावन अवसर पर ज्योतिषाचार्य पंडित नीरज कान्त द्विवेदी एवं पंडित उद्देश्य द्विवेदी (ज्योतिष भविष्य ज्ञानाय एक्सरे चक्रम, सोनिया, वाराणसी) के शिष्य आशीष मिश्रा ने समस्त श्रद्धालुओं एवं सनातन धर्मावलंबियों से अपने पूज्य गुरुदेव के श्रीचरणों में श्रद्धा अर्पित कर दर्शन, पूजन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में गुरु को ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक ऊर्जा का सर्वोच्च स्रोत माना गया है। गुरु के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से ही शिष्य का जीवन सफल, सार्थक और उज्ज्वल बनता है। गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व अपने गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का सर्वोत्तम अवसर है।
आशीष मिश्रा ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं को पूज्य ज्योतिषाचार्य पं. नीरज कान्त द्विवेदी एवं ज्योतिषाचार्य पं. उद्देश्य द्विवेदी के श्रीचरणों में नमन कर आशीर्वचन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिलेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर गुरुजनों का आशीर्वाद ग्रहण करने तथा भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा को और अधिक सशक्त बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि गुरु की कृपा से जीवन में ज्ञान, विवेक, सफलता, सुख, शांति एवं समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान और श्रद्धा का महापर्व है।
समाचार के अंत में आशीष मिश्रा ने भगवान श्रीराम एवं संकटमोचन श्रीहनुमान जी से सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए गुरु पूर्णिमा महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं।




