ब्रह्मभोज एवं श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब, आयुष राज्य मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ सहित संत, विद्वानों और गणमान्य नागरिकों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
रिपोर्ट: विवेक राय
वाराणसी। अस्सी स्थित रामानुज कोट निवासी, पंडित वसिष्ठ चौबे जी की धर्मपत्नी एवं संकट मोचन हनुमान जी महाराज की परम भक्त श्रद्धेया तेतरा चौबे जी के आकस्मिक निधन से धार्मिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक जगत में शोक की लहर व्याप्त हो गई। उनके निधन को सनातन समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं एवं गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
दिवंगत पुण्यात्मा की स्मृति में आयोजित ब्रह्मभोज एवं श्रद्धांजलि सभा में उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि श्रद्धेया तेतरा चौबे जी धार्मिक आस्था, सेवा, सादगी एवं समर्पण का जीवंत उदाहरण थीं। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन आध्यात्मिक साधना, सनातन संस्कृति के संरक्षण तथा मानवीय मूल्यों के संवर्धन के लिए समर्पित किया। उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
सभा में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि तेतरा चौबे जी का जीवन समाजसेवा, धर्मनिष्ठा और परोपकार की मिसाल रहा। उनके सहज, सरल एवं विनम्र स्वभाव ने उन्हें समाज में विशेष सम्मान दिलाया। उनके निधन से वाराणसी ने एक ऐसी श्रद्धालु एवं सेवाभावी विभूति को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
श्रद्धांजलि सभा में ज्योतिषाचार्य चंद्रमौली चतुर्वेदी ‘राजू’, प्रो. उपेंद्र त्रिपाठी, प्रो. उपेंद्र पांडेय, प्रो. सुभाष पाण्डेय, प्रो. शंकर कुमार मिश्रा, डॉ. आनंद शर्मा, डॉ. अनिल तिवारी, डॉ. रवि माल, डॉ. हरकेश तिवारी, डॉ. अमित कुमार तिवारी, डॉ. पंकज शुक्ला, डॉ. गीता शास्त्री, सभासद रविंद्र सिंह, सपा के वरिष्ठ नेता लक्ष्मीकांत मिश्रा ‘किशमिश गुरु’, पूर्व सभासद कमल पटेल, डॉ. सत्य प्रकाश सहित अनेक शिक्षाविदों, समाजसेवियों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
सभा के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की चिरशांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।




