ब्राह्मण समाज को सनातन संस्कृति की रीढ़ बताते हुए सपा की नीतियों पर उठाए सवाल, 2027 में जनता के जवाब का किया दावा
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी।एक राजनीतिक वक्ता ने समाजवादी पार्टी और केराकत विधायक तूफानी सरोज पर सवर्ण समाज के साथ-साथ दलित समाज के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज भारतीय संस्कृति और हिंदुत्व की रीढ़ है, लेकिन सपा लगातार ब्राह्मण समाज को लेकर गलत धारणा फैलाने का काम करती रही है। वक्ता ने कहा कि कारसेवकों पर गोली चलाने वालों का सनातन संस्कृति से कोई संबंध नहीं हो सकता। उनके अनुसार, कुछ राजनीतिक दल हिंदू समाज में विभाजन कर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राजनीतिक लाभ के लिए पीडीए में पंडित को भी शामिल करने की बात कही, लेकिन उनकी पार्टी के नेता ही ब्राह्मण समाज का अपमान कर रहे हैं।
वक्ता ने आरोप लगाया कि हाल में केराकत विधायक तूफानी सरोज ने ब्राह्मण समाज का अपमान किया और यह सब सपा नेतृत्व के संरक्षण में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज सनातनी और जागरूक है तथा अपमान करने वालों को याद रखता है। वक्ता ने दावा किया कि तूफानी सरोज के बयान का जवाब 2027 के चुनाव में मिलेगा और ब्राह्मण समाज अपना निर्णय स्वयं करेगा। उन्होंने कहा कि तूफानी सरोज लगातार सवर्ण समाज के खिलाफ बयान देते हैं और सनातन तथा सवर्ण समाज का अपमान करने वालों को जनता पहचानती है।
वक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सपा परिवारवाद की राजनीति करती है और अखिलेश यादव तथा तूफानी सरोज को अपने परिवार की ही चिंता है। उन्होंने स्वयं को दलित समाज से बताते हुए तूफानी सरोज को खुली चुनौती दी कि वे अपने राजनीतिक जीवन में दलित समाज के किसी व्यक्ति को आगे बढ़ाने और राजनीतिक रूप से मजबूत करने का उदाहरण प्रस्तुत करें।
साथ ही वक्ता ने दावा किया कि 2022 के चुनाव में भाजपा ने कई ब्राह्मण नेताओं को टिकट देकर चुनाव लड़ाया, जिनमें 45 ब्राह्मण नेता विधायक बने, जबकि सपा से केवल पांच ब्राह्मण विधायक बने। उन्होंने कहा कि सपा और उसके नेताओं का समाजवाद से कोई लेना-देना नहीं है और इसकी वास्तविकता जनता के सामने है।




