क्षेत्रीय हिंदी नाट्य प्रतियोगिता में शानदार अभिनय और मंच-सज्जा ने बटोरी वाहवाही, डीआरएम आशीष जैन ने पूरी टीम को किया सम्मानित
रिपोर्ट: विवेक राय
वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के राजभाषा विभाग की ओर से गोरखपुर स्थित रेलवे प्रेक्षागृह में आयोजित क्षेत्रीय रेलवे हिंदी नाटक प्रतियोगिता-2026 में वाराणसी मंडल की नाट्य टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार हासिल किया। टीम ने मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कहानी ‘शतरंज के खिलाड़ी’ का प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों और निर्णायक मंडल को प्रभावित किया।
प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने के बाद बुधवार को मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी आशीष जैन ने नाट्य दल के सदस्यों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने पूरी टीम को पुरस्कृत करते हुए बधाई दी और भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
वाराणसी मंडल की प्रस्तुति में सशक्त अभिनय, प्रभावी रंगभाषा और बेहतर मंचीय संयोजन देखने को मिला। नाटक के माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक चेतना, कर्तव्य से विमुखता, व्यक्तिगत स्वार्थ तथा बदलते सामाजिक-राजनीतिक परिवेश में व्यक्ति की जिम्मेदारी जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
निर्णायक मंडल ने प्रस्तुति के निर्देशन, अभिनय, संगीत, मंच-सज्जा और समग्र नाट्य प्रभाव की विशेष सराहना की।
नाटक का निर्देशन अमन श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने मूल कहानी की संवेदना को बनाए रखते हुए उसे प्रभावशाली मंचीय प्रस्तुति का रूप दिया।
विभिन्न भूमिकाओं में विकास श्रीवास्तव, अमन श्रीवास्तव, रीना कुमारी, शिवानी सिंह, अर्पिता साहा, काजल राय, अर्चना कुमारी, अंकित कुमार और अनिकेत तिवारी ने प्रभावी अभिनय किया।
प्रस्तुति में विशाल मिश्रा और महुआ बनर्जी के संगीत, आशा शर्मा की रूप-सज्जा तथा विनोद मौर्य और सुरेंद्र यादव की मंच-सज्जा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ध्वनि प्रभाव कुमार अनुपम ने तैयार किए, जबकि नाट्य दल के दल प्रबंधक अजय कुमार सिंह रहे।
इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) अशोक वर्मा, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव कुमार सिंह और वरिष्ठ आंकड़ा संसाधन प्रबंधक आशुतोष पाण्डेय ने भी नाट्य दल को उपलब्धि के लिए बधाई दी।
प्रतियोगिता में कला क्षेत्र से जुड़े भरत भूषण तथा रंगमंच एवं सिनेमा जगत के वरिष्ठ कलाकार प्रवीण निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल के निर्णय के बाद वाराणसी मंडल की टीम को विजेता घोषित किया गया।
वाराणसी मंडल की इस सफलता ने पूर्वोत्तर रेलवे में सांस्कृतिक प्रतिभा, रचनात्मकता और टीम भावना की एक प्रभावशाली मिसाल पेश की है।




