फाटक शेख सलीम स्थित रिजवी हाउस में तीन दिवसीय मजलिस के दूसरे दिन मौलाना वसीम असगर रिजवी ने किया खिताब, अंजुमन हैदरी ने पेश किए दर्दनाक नौहे
रिपोर्ट: विवेक राय
SHREE 7NEWS, वाराणसी। फाटक शेख सलीम स्थित रिजवी हाउस में इमाम-ए-हसन एवं रसूले खुदा हजरत मोहम्मद साहब की याद में आयोजित तीन दिवसीय मजलिस के दूसरे दिन मंगलवार को अकीदतमंदों की भारी मौजूदगी रही। मजलिस को मौलाना सैय्यद वसीम असगर रिजवी ने खिताब किया। उन्होंने इमाम हसन (अ.स.) की शहादत और उनके जनाजे से जुड़े मार्मिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि “कायनात का वाहिद ऐसा जनाजा है, जो घर वापस लौटकर आया।”
मौलाना ने बयान किया कि इमाम हसन (अ.स.) का जनाजा जब घर से कब्रिस्तान की ओर ले जाया गया तो रास्ते में विरोधियों ने तीरों की बौछार कर दी। उनका कहना था कि इमाम हसन को रसूल-ए-अकरम के पहलू में दफन नहीं होने दिया जाएगा। तीरों की बारिश के कारण जनाजा वापस घर लाना पड़ा। इस घटना का जिक्र करते हुए मजलिस में मौजूद अकीदतमंद भावुक हो उठे।
मौलाना वसीम असगर रिजवी ने इमाम हसन (अ.स.) को दिए गए जहर और उसके प्रभाव का भी विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जहर के कारण इमाम हसन (अ.स.) को अत्यंत पीड़ा सहनी पड़ी। मजलिस के दौरान उनके सब्र, करम और व्यक्तित्व से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख किया गया।
उन्होंने कहा कि इमाम हसन (अ.स.) ने विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और करुणा का परिचय दिया। उनके जीवन से इंसानियत, सब्र और त्याग की सीख मिलती है।
मजलिस के दौरान अंजुमन हैदरी बनारस की ओर से नौहाख्वानी की गई। “तुम फातिमा के लाल हो, फरजंदे नबी हो…” सहित विभिन्न नौहे पेश किए गए। नौहों की मार्मिक प्रस्तुति सुनकर अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं।
अंजुमन हैदरी ने नौहाख्वानी के साथ जोरदार मातम भी किया। पूरे आयोजन स्थल पर गम और मातम का माहौल रहा।
मजलिस के समापन के बाद अकीदतमंदों के बीच तबर्रुक का वितरण किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की और इमाम हसन (अ.स.) की याद में आयोजित मजलिस में अपनी अकीदत पेश की।
इस अवसर पर सैय्यद साबिर हुसैन रिजवी, सैय्यद शाने अब्बास, सैय्यद ऐतल अब्बास, सैय्यद मोदिस्सर हुसैन रिजवी, सैय्यद मोहम्मद अर्श, आबिद रजा, जुल्फेकार जैदी, सैय्यद फिरोज हुसैन, नयाब रजा, मुदासीर रिजवी सहित अन्य अकीदतमंद मौजूद रहे।
आयोजकों के अनुसार, फाटक शेख सलीम से आज ताबूत, अलम और दुलदुल का जुलूस निकाला जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।




