रमेश चौधरी ने समाज की एकजुटता और अधिकारों की लड़ाई का किया आह्वान, अजगरा में सम्मान व राजनीतिक भागीदारी को लेकर उठाई आवाज
रिपोर्ट: विवेक राय
वाराणसी। अजगरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व आवेदक रमेश चौधरी ने धोबी समाज में जनसंपर्क अभियान चलाकर आगामी महासम्मेलन को लेकर लोगों से अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को केवल टिकट की राजनीति तक सीमित न रहकर संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण जैसे अधिकारों की रक्षा के लिए भी एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
रमेश चौधरी ने बताया कि 30 अगस्त, रविवार को धोबी समाज का महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश शासन के पूर्व निदेशक एवं सामाजिक संस्था बहुजन भारत के महासचिव चिंतामणि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उन्होंने समाज के लोगों से सम्मेलन में बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
जनसंपर्क अभियान के दौरान रमेश चौधरी ने काशी रजक संघ के तत्वावधान में उधम सिंह द्वारा आयोजित तीज महोत्सव समारोह में भी सहभागिता की। उन्होंने समाज की महिलाओं और युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि महिलाओं का मंच पर सक्रिय रूप से भाग लेना समाज में शिक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ने का संकेत है।
उन्होंने कहा कि अब धोबी समाज को अपनी सामाजिक ताकत को संगठित कर आगामी मिशन-2027 के लिए एकजुट होना होगा।
रमेश चौधरी ने कहा कि वर्ष 2010 से अजगरा विधानसभा सीट सुरक्षित होने के बावजूद समाज को अपेक्षित सम्मान और राजनीतिक भागीदारी नहीं मिल सकी है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति के टिकट की नहीं, बल्कि पूरे समाज के सम्मान और अधिकारों की है। टिकट किसी भी व्यक्ति को मिले, लेकिन समाज के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व की ओर से भी आवेदकों से अपने-अपने समाज के बीच बैठक और गोष्ठियां आयोजित करने की अपेक्षा जताई गई है। इसी क्रम में यह महासम्मेलन समाज की एकजुटता और राजनीतिक जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
कार्यक्रम में जय सिंह, आईएएस, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पूर्व अधिकारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सदर अमीन कनौजिया, लालमन कनौजिया, भैया लाल निरंकारी सहित कई वरिष्ठ एवं विशिष्ट लोग शामिल होंगे।
रमेश चौधरी ने कहा कि मान्यवर कांशीराम के बहुजन समाज की विचारधारा और समाजवादी पार्टी के पीडीए की अवधारणा में सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों की भागीदारी का मुद्दा प्रमुख है। उन्होंने समाज के लोगों से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक होकर अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसानों, गरीबों, युवाओं और मजदूरों के हितों को प्राथमिकता देने वाली सरकार के निर्माण के लिए समाज की एकजुटता और राजनीतिक जागरूकता जरूरी है।




