दिव्यांशी यादव की मौत के बाद परिजनों ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी/लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), लखनऊ में बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा दिव्यांशी यादव की इलाज के दौरान मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। छात्रा के पिता विजय यादव ने KGMU प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, दिव्यांशी की मौत की खबर के बाद KGMU के नर्सिंग छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर धरना-प्रदर्शन किया।
दिव्यांशी के पिता विजय यादव का आरोप है कि उनकी बेटी पहले से बीमार थी, इसके बावजूद उससे ड्यूटी कराई गई। उनका कहना है कि बीमारी की स्थिति में ड्यूटी किए जाने के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और संक्रमण बढ़ता चला गया।
परिजनों के मुताबिक, 11 सितंबर 2026 को दिव्यांशी को बुखार आया था। उस समय वह KGMU में ही थी। इसके बाद उसने मेडिकल लीव के लिए आवेदन कर 15 सितंबर तक अवकाश मांगा था। परिजनों का आरोप है कि उसका अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया। 16 सितंबर को उसे ओपीडी में दिखाने की अनुमति मिली, जिसके बाद दवा और उपचार शुरू हुआ।
परिजनों के अनुसार, 17 सितंबर को दिव्यांशी की तबीयत अचानक अधिक खराब हो गई। साथी छात्र-छात्राओं ने इसकी सूचना परिजनों को दी, जिसके बाद परिवार के लोग लखनऊ पहुंचे और उसे वाराणसी स्थित घर ले आए।
परिजनों का कहना है कि उपचार के बाद दिव्यांशी को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 19 सितंबर 2026 की सुबह उसकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, जांच के दौरान दिव्यांशी के टाइफाइड से पीड़ित होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में उसे डेंगू होने की भी बात कही गई। परिवार का आरोप है कि बीमारी के दौरान पर्याप्त जांच और समुचित उपचार समय पर नहीं मिलने से उसकी हालत गंभीर होती चली गई।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और KGMU प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
दिव्यांशी की मौत की सूचना KGMU पहुंचने के बाद नर्सिंग छात्रों में नाराजगी फैल गई। छात्रों ने छात्रावास परिसर में कैंडल मार्च निकाला और इसके बाद धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
दिव्यांशी की मां संजू यादव ने भी कार्रवाई की मांग को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से चिकित्सा विभाग के महानिदेशक स्तर से मामले की जांच कराने की मांग की गई है।
दिव्यांशी के पिता विजय यादव का कहना है कि बेटी की मौत परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने मांग की है कि उच्चस्तरीय जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाए कि बीमारी के दौरान उसकी ड्यूटी किन परिस्थितियों में लगाई गई और इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
परिजनों और छात्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। मामले में अब KGMU प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।




