ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों ने पर्यटकों को बताई गांव की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय जीवनशैली
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर 27 सितंबर को उत्तर प्रदेश ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत चयनित उमरहाँ गांव में जागरूकता एवं विरासत पदयात्रा (हेरिटेज वॉक) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन कार्यान्वयन संस्था बकरी छाप एग्रो टूरिज्म एंड नेचुरल प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से किया गया। पदयात्रा में ग्राम प्रधान ऊदल पटेल, प्रधानाचार्य गणेश पटेल, प्रोजेक्ट हेड जगवीर सिंह, जिला समन्वयक विशाल कुमार शाह और शुभम गुप्ता के नेतृत्व में संस्था की टीम, चयनित हितग्राही तथा ग्रामीण शामिल हुए।
कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालय के करीब 25 विद्यार्थियों ने शिक्षकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। पदयात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने उमरहाँ स्थित स्वर्वेद महामंदिर पहुंचने वाले पर्यटकों से संवाद कर गांव की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक खान-पान, स्थानीय रीति-रिवाज और ग्रामीण जीवनशैली की जानकारी साझा की। साथ ही समुदाय आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने पर्यटकों को गांव में भविष्य में विकसित होने वाली ग्रामीण पर्यटन सुविधाओं, विशेषकर स्थानीय होमस्टे और ग्रामीण परिवेश में ठहरकर अनुभव प्राप्त करने की संभावनाओं के बारे में भी बताया।
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय युवाओं और बच्चों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ना, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए अवसर विकसित करना है। इस पहल से विद्यार्थियों को अपने गांव की पहचान और विरासत से जुड़ने के साथ उसे पर्यटकों तक पहुंचाने का अवसर भी मिला।




