पुरस्कार वितरण एवं राजभाषा संगोष्ठी में हिंदी के अधिकाधिक कार्यालयीन प्रयोग पर दिया जोर, ‘बरेका दर्पण’ के 38वें अंक का हुआ विमोचन
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में 14 से 28 सितंबर 2026 तक आयोजित राजभाषा पखवाड़ा-2026 का समापन सोमवार को प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में पुरस्कार वितरण एवं राजभाषा संगोष्ठी के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता बरेका के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने की, जबकि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कला संकाय की संकायाध्यक्ष प्रो. सुषमा घिल्डयाल अतिथि वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाप्रबंधक एवं प्रमुख विभागाध्यक्षों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य यांत्रिक इंजीनियर-उत्पादन एवं विपणन श्री राम जन्म चौबे ने महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत एवं अतिथि वक्ता प्रो. सुषमा घिल्डयाल को प्लांटर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया।
समारोह के दौरान बरेका की राजभाषा पत्रिका ‘बरेका दर्पण’ के 38वें अंक का विमोचन महाप्रबंधक, अतिथि वक्ता एवं प्रमुख विभागाध्यक्षों द्वारा किया गया। राजभाषा पखवाड़े के दौरान आयोजित निबंध, टिप्पण, वाद-विवाद, संगोष्ठी सहित विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 70 विजेता अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महाप्रबंधक एवं अतिथि वक्ता ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
अध्यक्षीय संबोधन में महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा पखवाड़े के दौरान कर्मचारियों में हिंदी के प्रति जागरूकता और उत्साह देखकर प्रसन्नता होती है। उन्होंने कहा कि “बनारस हिंदी का घर है, इसलिए हम सभी को अपने कार्यालयीन कार्यों में अधिक से अधिक हिंदी शब्दों का प्रयोग करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हिंदी के अनेक शब्द अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं में प्रचलित हुए हैं, उसी प्रकार अन्य भाषाओं के उपयोगी शब्दों को भी हिंदी में सहज रूप से अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हिंदी के व्यापक प्रयोग के कारण भविष्य में राजभाषा पखवाड़ा मनाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
अतिथि वक्ता प्रो. सुषमा घिल्डयाल ने कहा कि हिंदी ने विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हिंदी की आत्मा को जागृत एवं सशक्त बनाने के लिए हिंदी में संवाद करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा का विकास तभी संभव है, जब इसका दैनिक जीवन के साथ-साथ कार्यालयीन कार्यों में भी अधिकाधिक प्रयोग किया जाए।
समारोह में प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर श्री मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर श्री विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक श्री आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहकार श्री मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री राम जन्म, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री देवराज कुमार मौर्य, उप महाप्रबंधक श्री सागर सहित बरेका के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव श्री प्रदीप कुमार यादव तथा परिषद के अन्य सदस्य श्री श्रीकांत यादव, श्री सुशील कुमार, श्री मनीष कुमार एवं श्री अमित कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी समारोह में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ अनुवादक श्री विजय प्रताप सिंह ने किया।




