बाबर-औरंगजेब के संदर्भ में साधा निशाना, इंडिया ब्लॉक के अस्तित्व पर भी उठाए सवाल
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के राम मंदिर में दर्शन से जुड़े बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन पर निशाना साधा। अखिलेश यादव से अयोध्या स्थित राम मंदिर में दर्शन को लेकर सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा था कि जब भगवान बुलाते हैं, तभी कोई दर्शन के लिए जाता है। इसके बाद मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि “मसूद की मजार को सजाने वाले और बाबर तथा औरंगजेब की बात करने वालों को प्रभु श्रीराम कैसे बुलाएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने सनातन का अपमान किया है, उन्हें भगवान नहीं बुलाएंगे। यह बयान 29 सितंबर 2026 को दिए गए उनके सार्वजनिक वक्तव्य की मीडिया रिपोर्टों में दर्ज है।
मंत्री अनिल राजभर ने प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक में अखिलेश यादव की संभावित गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल और दिल्ली के चुनावों का उल्लेख करते हुए गठबंधन की सक्रियता पर प्रश्न किया तथा पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच मतभेदों का हवाला दिया।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से बताया गया कि अखिलेश यादव के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम और राज्यसभा चुनाव के नामांकन के कारण उनका बैठक में शामिल होना संभव नहीं है। सपा नेता आशुतोष वर्मा ने भी कहा कि अखिलेश यादव बैठक में नहीं पहुंच पाएंगे, लेकिन समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल बैठक में शामिल होगा और पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ है।
मंत्री के इन बयानों के बाद राम मंदिर, सनातन और विपक्षी गठबंधन की भूमिका को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हुई है। राजभर की टिप्पणियां उनके राजनीतिक रुख और विपक्ष पर लगाए गए आरोपों के रूप में सामने आई हैं, जबकि इंडिया ब्लॉक की ओर से सपा की भागीदारी को लेकर अलग स्थिति स्पष्ट की गई है।




