मुख्य अतिथि प्रो. संत त्रिपाठी ने फीता काटकर किया उद्घाटन, 12 दिनों तक होगा प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन
रिपोर्ट: विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चहनिया (चंदौली)। क्षेत्र के रामगढ़ में 153 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला का शुभारंभ शनिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रोफेसर संत त्रिपाठी ने फीता काटकर किया।
इसके बाद प्रभु श्रीराम के जन्म प्रसंग का मंचन हुआ। भगवान श्रीराम के जयकारों और धार्मिक भजनों से पूरा आयोजन स्थल भक्तिमय हो उठा। रामलीला के शुभारंभ पर क्षेत्रीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।
आगामी 12 दिनों तक चलने वाली इस रामलीला में भगवान श्रीराम के बाल्यकाल, गुरु आश्रम में शिक्षा, सीता स्वयंवर, वनवास, भरत मिलाप, सीता हरण, हनुमान जी की भक्ति, लंका दहन और रावण वध सहित विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
रामलीला के माध्यम से दर्शकों को सत्य, धर्म, त्याग, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और भाईचारे का संदेश दिया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना भी है। रामलीला के संवाद और विभिन्न प्रसंग समाज में सद्भाव, एकता तथा पारिवारिक मूल्यों की महत्ता को उजागर करेंगे।
इस अवसर पर व्यास शोभनाथ पांडेय, व्यास राधेश्याम पांडेय, लोकनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रबंधक धनंजय सिंह, प्रभुनारायण सिंह लल्ला, सारनाथ पांडेय, सुदामा पांडेय, विजय पांडेय मुन्ना, नागेंद्र सिंह, धीरजा सिंह, प्रवीण श्रीवास्तव, एडवोकेट समित सिंह, अनिल सिंह, शैलेंद्र सिंह बबलू, शैलेंद्र सिंह मुन्ना, लुसन सिंह, सुभाष मौर्य, ऋषिकेश यादव, मोहन राजभर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।






