निवेशकों की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान : डीएम
वाराणसी। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु एवं जिला श्रम बंधु की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निवेशकों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई और उनके त्वरित निस्तारण हेतु कई ठोस निर्णय लिए गए।
डीएम ने कहा कि औद्योगिक विकास से जुड़ी किसी भी फाइल या समस्या के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विकास प्राधिकरण को निर्देश दिया कि उच्च निवेश वाले प्रोजेक्ट का मानचित्र अधिकतम दो दिनों में स्वीकृत किया जाए। इसी क्रम में अपोलो सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के मानचित्र स्वीकृति आवेदन को तुरंत प्रक्रिया में लाने का आदेश दिया गया।
बैठक में गजाधर टेक्नोसिस एलएलपी और इथोरिका इथेनॉल प्रा. लि. के भूमि विनिमय मामलों की समीक्षा की गई और प्रगति पर संतोष जताया गया। वहीं, माधवन लॉजिस्टिक एलएलपी ने डीएम के सुझाव पर पुनः आवेदन किया है, जिसका शीघ्र निस्तारण किया जाएगा।
चांदपुर और महेशपुर औद्योगिक आस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए क्षतिग्रस्त नालियों की सफाई हो चुकी है, जबकि औद्योगिक फीडरों पर ट्रिपिंग कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आगामी GBC-5 को देखते हुए डीएम ने लैंड बैंक का डेटा तुरंत अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि नए निवेशकों को भूमि आवंटन में कोई दिक्कत न हो। बुनकरों और उद्यमियों की विद्युत संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अब नियमित बैठकें आयोजित होंगी।
जिला श्रम बंधु की बैठक में निर्माण श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को मिलने वाली योजनाओं की जानकारी दी गई। श्रम विभाग ने बताया कि पंजीकरण और लाइसेंस अब निवेश मित्र पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। निर्माण कार्य कराने वाली संस्थाओं को अधिष्ठान पंजीकरण और सेस जमा करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मोहन कुमार शर्मा, उपायुक्त उद्योग अविनाश चंद्र त्रिपाठी, सहायक श्रम आयुक्त सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उद्योग जगत से राजेश भाटिया, नीरज पारिख, कमलाकांत पांडेय और पीयूष अग्रवाल ने भी अपनी राय रखी।
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे सहयोगी और सक्रिय दृष्टिकोण से कार्य करें, ताकि वाराणसी को उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक और निवेश गंतव्य बनाया जा सके।




