गंगा का बढ़ता जलस्तर, फसलें डूबने की कगार पर, बीडीओ ने रामपुर ढाब बाढ़ चौकी का किया निरीक्षण
वाराणसी। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से चिरईगांव विकासखंड के ढाब क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में आने लगे हैं। गोबरहों, मोकलपुर, रामपुर, रामचंदीपुर और रेतापार सहित आसपास के गांवों में नदी का पानी खेतों और रिहायशी इलाकों में घुसने लगा है। धान की फसलें डूबने लगी हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले आई बाढ़ में उनकी पहली फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। कर्ज लेकर दोबारा रोपाई की गई थी, लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर से अब दूसरी फसल भी संकट में है। बुधवार सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 70.42 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरा बिंदु से मात्र 84 सेंटीमीटर नीचे है। नदी का पानी तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
स्थिति को देखते हुए बीडीओ चिरईगांव बी.एन. द्विवेदी ने बुधवार को प्राथमिक विद्यालय रामपुर ढाब स्थित बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां शरण लिए परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। बीडीओ ने बताया कि अब तक आठ परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है, जिनमें 19 पुरुष, 24 महिलाएं और 7 बच्चे शामिल हैं। इनके लिए भोजन, पेयजल, दवा और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ा तो और भी गांव प्रभावित होंगे और किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।




