डॉल्फिन की अठखेलियां देखने अपने ग्रुप संग भारत आएंगी फ्रांसीसी शिक्षिका अंजलिका
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। गंगा की लहरों पर डॉल्फिन की अठखेलियां देखने का आकर्षण अब विदेशी पर्यटकों को भी खींच रहा है। गंगा प्रहरी एवं डॉल्फिन मित्र प्रीति कुमारी साहनी ने बताया कि इस समय गंगा का जलस्तर बढ़ने से डॉल्फिन सहायक नदियों जैसे गोमती आदि में चली जाती हैं। जैसे ही पानी का स्तर घटेगा, डॉल्फिन की चहल-पहल श्री गौरीशंकर महादेव गंगा घाट पर और बढ़ जाएगी।
प्रीति ने बताया कि कुछ समय पूर्व फ्रांस से आई विज्ञान विषय की शिक्षिका अंजलिका ने ढाका घाट स्थित गांगेय डॉल्फिन केंद्र का दौरा किया था। डॉल्फिन की अठखेलियां देखकर वह बेहद खुश हुईं और जागरूकता के लिए स्वयं निर्मित किट भी भेंट की थी। फ्रांस लौटने के बाद भी उनका संपर्क लगातार बना हुआ है। अब वे दिसंबर माह में अपने ग्रुप के साथ दोबारा वाराणसी आने वाली हैं, ताकि डॉल्फिन को करीब से देख सकें।
गंगा प्रहरी प्रीति के अनुसार वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान की पहल से ढाका घाट स्थित डॉल्फिन केंद्र पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। यहां शिलापट पर डॉल्फिन संबंधी जानकारी, डॉल्फिन सेल्फी प्वाइंट और गंगा ज्ञान केंद्र भी स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय और नाविकों की भागीदारी से डॉल्फिन संरक्षण न केवल संभव है बल्कि इससे उनकी आजीविका भी सुदृढ़ होगी। हजारों की संख्या में आने वाले पर्यटक अब गंगा घाटों पर डॉल्फिन देखने आते हैं। निरंतर जन-जागरूकता से डॉल्फिन की संख्या में और वृद्धि होगी तथा डॉल्फिन केंद्र की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होगी।




