चोलापुर के सरकारी विद्यालय बने गुणवत्ता की मिसाल : नागेंद्र सरोज
चोलापुर (वाराणसी)। विकास खण्ड चोलापुर के परिषदीय विद्यालय अब शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार के दम पर जिले में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय धरसौना, चंद्रावती, हडियाडीह, टिसौरा और उच्च प्राथमिक विद्यालय देवानंदपुर आज शिक्षा सुधार के प्रतीक बनकर उभरे हैं।
कायाकल्प योजना के तहत इन विद्यालयों में हरित वातावरण, सुसज्जित कक्षाएँ, डिजिटल स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, खेल सामग्री और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके चलते अभिभावक अब निजी स्कूलों की बजाय सरकारी विद्यालयों पर भरोसा जता रहे हैं। बढ़ता नामांकन इसकी सफलता का प्रमाण है।
निपुण भारत मिशन के मानकों पर यहाँ के बच्चों ने कक्षा अनुरूप दक्षता हासिल की है। शिक्षक नवीन शिक्षण विधियों और डिजिटल साधनों से बच्चों को रोचक व सरल ढंग से पढ़ा रहे हैं। नतीजतन छात्र-छात्राएँ न केवल पढ़ाई में बल्कि छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
शैक्षिक उपलब्धियों के साथ-साथ इन विद्यालयों के बच्चे खेलकूद, सांस्कृतिक और सह-शैक्षिक गतिविधियों में भी अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। स्थानीय व जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में उनकी सक्रिय भागीदारी ने विद्यालयों की पहचान और सशक्त की है।
खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र सरोज ने बताया कि शिक्षकों के परिश्रम और नवाचार के चलते चोलापुर के सरकारी विद्यालय प्रतिदिन नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। ग्रामीण परिवेश में स्थित ये विद्यालय अब मॉडल स्कूल के रूप में सामने आकर समाज के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।




