प्रो. शंकर कुमार मिश्र ने डॉ. राधाकृष्णन की जीवनी साझा कर बताया कि शिक्षक दिवस शिक्षकों के त्याग और समर्पण का प्रतीक है।
वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के धर्मशास्त्र मीमांसा विभाग में शनिवार को शिक्षक दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
छात्रों ने विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शंकर कुमार मिश्र का अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर स्वागत और सम्मान किया। इस अवसर पर प्रो. मिश्र ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए महान दार्शनिक और भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी पर प्रकाश डाला।
प्रो. मिश्र ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन त्याग और समर्पण के प्रतीक थे। राष्ट्रपति पद पर रहते हुए वे अपनी 75 प्रतिशत कमाई दान कर देते थे। जब मित्रों ने उन्हें जन्मदिन राष्ट्रीय पर्व की तरह मनाने की बात कही, तो उन्होंने उत्तर दिया कि उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए, ताकि देश के सभी शिक्षकों का सम्मान सुनिश्चित हो।
प्रो. मिश्र ने अपने वक्तव्य में यह भी बताया कि शिक्षक दिवस शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता समर्पित करने का उत्सव है।
इस अवसर पर शोध छात्र अमित कुमार तिवारी, डॉ. एकदंत चतुर्वेदी, प्रशांत, दीपक, रमन झा, पवन शर्मा, जया पांडेय, सत्यम, विक्की, आनंद, वैष्णवी, अस्मिता सहित सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया।




