पुत्रवती महिलाओं ने जीतिया व्रत रख मांगा संतानों का मंगल और समृद्धि
चौबेपुर (वाराणसी)। क्षेत्र के मां नेपाली भगवती धाम, रामलीला मैदान और अजांव स्थित शंकर भगवान मंदिर सहित विभिन्न गांवों में सोमवार को पुत्रवती महिलाओं ने संतान की लंबी उम्र, सुख-शांति और समृद्धि की कामना के लिए पारंपरिक जीतिया व्रत रखा।
अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाया जाने वाला यह पर्व बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और बंगाल में विशेष श्रद्धा के साथ संपन्न होता है। परंपरा के अनुसार महिलाओं ने रविवार को ‘नहाय-खाय’ की रस्म निभाई और सोमवार को निर्जला उपवास रखकर 24 घंटे तक संतान की मंगलकामना के लिए प्रार्थना की।
पौराणिक कथा के अनुसार, चील ने नियमपूर्वक व्रत कर सात पुत्र प्राप्त किए, जबकि छल करने वाली सियारिन संतान सुख से वंचित रही। तभी से इस व्रत का महत्व और भी अधिक बढ़ गया।
व्रत को लेकर गांवों का वातावरण भक्तिमय हो गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और भजन-कीर्तन से माहौल आध्यात्मिक बना रहा। महिलाएं पूजा-पाठ के लिए मंदिरों की ओर जाती दिखाई दीं, वहीं बाजारों में पूजा सामग्री की खरीदारी से रौनक बनी रही।




