“दादा गुरु का शरीर यहीं पूर्ण हुआ था, 2010 से जुड़ा हूं इस पावन स्थल से” — धीरेंद्र शास्त्री
वाराणसी। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने शनिवार की रात काशी के मणिकर्णिका घाट पर जलती चिताओं के बीच कठोर साधना की। चिताओं की आंच और धधकती लपटों के सामने पूरी रात ध्यानमग्न रहे शास्त्री ने कहा, “मेरे दादा गुरु का शरीर यहीं पूर्ण हुआ था, मणिकर्णिका घाट से मेरा गहरा संबंध है। 2010 से ही मैं इस पावन स्थल से जुड़ा हूं।”
काशी प्रवास के दौरान उन्होंने WWE रेसलर रिंकू सिंह उर्फ़ वीर महान से भी भेंट की। इन दिनों वे प्रेमानंद महाराज के साथ रहकर साधना में रत हैं। शास्त्री ने मणिकर्णिका घाट की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा, “यह स्थल साधना और मोक्ष का अद्भुत संगम है।”
इसी बीच उन्होंने बड़ा राजनीतिक बयान भी दिया। शास्त्री ने कहा, “जब चोर-उच्चके और हत्या करने वाले नेता हो सकते हैं, तो साधु-संत क्यों नहीं? उत्तर प्रदेश में योगी बाबा हैं और आगे भी साधु-संत नेतृत्व कर सकते हैं।”
उनकी इस साधना और बयान से वाराणसी से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक हलचल मच गई है।




