ग्रामीण पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से मांगी सुरक्षा व सुविधाएँ, एसीएम को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन एसीएम तृतीय देवेंद्र कुमार को सौंपा। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में दिए गए इस ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा, मान्यता और सुविधाओं को लेकर प्रमुख मांगें उठाई गईं।
जिलाध्यक्ष सी.बी. तिवारी ‘राजकुमार’ के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि ग्रामीण पत्रकार कठिन परिस्थितियों में जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुँचाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता। एसोसिएशन ने मांग की कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों की तरह ग्रामीण पत्रकारों को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाए और उन्हें शासन की बीमा योजनाओं में शामिल कर सूचना विभाग के माध्यम से अधिकृत सूची तैयार की जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि किसी ग्रामीण पत्रकार पर मुकदमा दर्ज करने से पहले निष्पक्ष जांच अनिवार्य हो। राज्य और जिला स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित हों, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। साथ ही दुर्घटना या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में पत्रकारों के परिजनों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की गई। फर्जी पत्रकारों पर अंकुश लगाने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर भी बल दिया गया।
जिलाध्यक्ष सी.बी. तिवारी ने कहा कि ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन वर्ष 1986 से पत्रकारों के हितों की लड़ाई लड़ रहा है। मौजूदा समय में ग्रामीण पत्रकारों को रिपोर्टिंग के दौरान अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मुख्यमंत्री को संबोधित यह पत्र सौंपा गया है। एसीएम ने आश्वासन दिया कि पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा।
प्रतिनिधि मंडल में राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य विकास दत्त मिश्रा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गजेंद्र कुमार सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह पिंटू, जिला उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह, जिला महामंत्री मदन मुरारी पाठक, मनोज जायसवाल, संगठन मंत्री प्रवीण यादव यश, कोषाध्यक्ष अनुराग जायसवाल, सुधीर मिश्रा सहित जिले की तीनों तहसीलों से जुड़े पत्रकार बड़ी संख्या में मौजूद रहे।




