यूपी ने 21% योगदान से बढ़ाया अनाज उत्पादन, सीएम ने कृषि क्रांति का किया दावा
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते 11 वर्षों में उत्तर प्रदेश की कृषि प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश ने सीमित क्षेत्रफल (केवल 11 प्रतिशत) के बावजूद राष्ट्रीय खाद्य उत्पादन में 21 प्रतिशत योगदान देकर कृषि क्षेत्र में अग्रणी राज्य का दर्जा प्राप्त किया है।
सीएम ने कहा कि पीएम के नेतृत्व में सॉयल हेल्थ कार्ड, बीमा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से लगभग 10 करोड़ किसानों को लाभ मिला है। अन्न, दाल, तिलहन और सब्जियों के उत्पादन में पिछले एक दशक में पांच गुना तक वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (आइसार्क) में डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) कॉन्क्लेव को संबोधित किया। उन्होंने कृषि ज्ञान उत्पादों और मशीनरी नवाचारों का उद्घाटन किया और किसानों को मिनी किट भी वितरित की।
मुख्यमंत्री ने ई-सीडर फॉर राइस और प्रसीजन हिल सीडर जैसी मशीनरी का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि ये मशीनें बैटरी से चलती हैं, हाथ से संचालित होती हैं और खेतों में उच्च दक्षता सुनिश्चित करती हैं। इसके साथ ही डायरेक्ट-सीडेड राइस व जीरो टिलेज गेंहू पर आधारित ज्ञान उत्पाद और समृद्धि धान नेटवर्क का भी उद्घाटन किया गया।
सीएम ने कहा कि प्रदेश की अनुकूल कृषि परिस्थितियों के कारण अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर को शीघ्र कार्य शुरू करने का सुझाव दिया, ताकि आलू किसानों को उन्नत तकनीकों का लाभ मिल सके। उच्च गुणवत्ता वाले जलवायु-अनुकूल बीजों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए लखनऊ में बीज पार्क भी काम कर रहा है।
सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश 2030 तक वैश्विक फूड आपूर्तिकर्ता बनकर दुनिया के लिए उदाहरण स्थापित कर सकता है। विशिष्ट अतिथि और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आइसार्क की धान अनुसंधान और कृषि विकास में सक्रिय भूमिका की सराहना की।




