परिजनों ने गांव के ही चार लोगों पर लगाया हत्या का आरोप, फॉरेंसिक जांच शुरू
चौबेपुर (वाराणसी)। क्षेत्र के चुमकुनी गांव में मंगलवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों ने झाड़ियों के बीच एक युवक का कंकाल देखा। सूचना पाते ही चौबेपुर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और कंकाल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि यह कंकाल दो माह से लापता राजकुमार उर्फ गुड्डू गौड़ (39 वर्ष) का है, जो बीते 14 अगस्त 2025 से रहस्यमय तरीके से गायब था। पुलिस ने बताया कि कंकाल गांव के ही राय सिंह के मकान के पीछे घास के बीच मिला। वहीं, मौके से एक काले रंग की शर्ट और लोअर भी बरामद हुई। मृतक की पहचान उसके पुत्र ने कपड़ों के आधार पर की।

घटना की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हो गए और बाबतपुर–चौबेपुर मार्ग पर चक्का जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि गुड्डू गौड़ की हत्या भूमि विवाद के चलते की गई है।
परिजनों ने गांव के ही रविन्द्र, जितेन्द्र, वरुण और राहुल पुत्रगण स्व. केदार तथा हीरमनी देवी पर हत्या का आरोप लगाया। परिवार का कहना है कि विवाद को लेकर आरोपी पक्ष उन्हें मुकदमा वापस लेने के लिए धमका रहा था। मृतक के पिता रामजी गौड़ ने बताया कि बेटे के गायब होने की जानकारी उन्होंने 15 अगस्त को थाने में दी थी, लेकिन पुलिस ने केवल गुमशुदगी दर्ज कर खानापूर्ति कर दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि थाने के एक उपनिरीक्षक ने सुलह का दबाव बनाया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त वाराणसी से भी की थी, परंतु परिणाम नहीं निकला।
घटना की सूचना मिलते ही एसीपी सारनाथ विधुष सक्सेना मौके पर पहुंचे और बताया कि बरामद नरकंकाल को फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। उन्होंने कहा कि “पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है, रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।”
वहीं, चौबेपुर थाना प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार वर्मा ने परिजनों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया और आश्वासन दिया कि “जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
ग्रामीणों ने मांग की कि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की जाए और मृतक के परिवा र को न्याय मिले।




