एक सप्ताह में संचालन का मिला आश्वासन, नहीं हुई कार्रवाई तो अशोक सिंह करेंगे आमरण अनशन
चौबेपुर (वाराणसी)। धौरहरा से कैंट तक बस संचालन बंद होने से नाराज ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को धौरहरा गांव स्थित शहीद राम अवतार सिंह की प्रतिमा स्थल पर धरना प्रदर्शन किया। यह बस सेवा मनमोहन सिंह सरकार के समय शुरू की गई थी, जो चार माह पूर्व प्रशासन द्वारा बंद कर दी गई।
धरना का नेतृत्व कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष एवं शिवपुर विधानसभा प्रभारी अशोक कुमार सिंह एडवोकेट ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। नेताओं ने आरोप लगाया कि बस सेवा बंद होने से धौरहरा, टिकरा, कादीपुर, रामापुर, अमौली सहित आसपास के गांवों के लोगों को शहर आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अशोक कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने कई बार जिलाधिकारी वाराणसी से वार्ता की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला, समाधान नहीं। उन्होंने कहा कि “यदि एक सप्ताह के भीतर बस संचालन शुरू नहीं हुआ तो मैं रोडवेज बस अड्डे के सामने अन्न-जल त्याग कर आमरण अनशन शुरू करूंगा।”
धरने के दौरान रोडवेज के आरएम ने अशोक सिंह से फोन पर वार्ता कर एक सप्ताह में बस सेवा शुरू करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
ग्राम सभा टिकरा की एक बुजुर्ग महिला ने रविदास मंदिर निर्माण की मांग रखी, जिस पर अशोक सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि “मैं पूरे धौरहरा ग्राम को साक्षी मानकर प्रतिज्ञा करता हूं कि यह मंदिर जल्द ही बनेगा। यदि अधिकारी मंदिर नहीं बनवाते, तो जिला पंचायत सदस्य बनने के बाद पहला कार्य मंदिर निर्माण ही होगा।”
अशोक सिंह ने यह भी कहा कि धौरहरा से कैंट बस सेवा शुरू होने के बाद अगली मांग कैंट से गाजीपुर व बलिया तक बस संचालन की होगी, ताकि ग्रामीणों को सुगम परिवहन सुविधा मिल सके।
धरने में कांग्रेस जिलाउपाध्यक्ष राजीव कुमार राजू राम, जिला महासचिव योगेन्द्र प्रताप सिंह, जिला सचिव वीरेंद्र प्रताप, जिला महासचिव रमेश सिंह, जिला सचिव अमरनाथ मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज चौबे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।




