श्री वनशक्ति धाम नियारडीह में रतन वशिष्ठ जी महाराज की वाणी से गूंजा भक्ति रस, 29 अक्टूबर को होगा भव्य समापन यज्ञ
वाराणसी (चोलापुर)। क्षेत्र के ग्राम सभा नियारडीह स्थित श्री वनशक्ति धाम में चल रही शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस पर मंगलवार को भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। कथा स्थल पर भक्तिभाव, उत्साह और श्रद्धा का अनुपम संगम देखने को मिला।
कथा का वाचन श्री वनशक्ति धाम पीठाधीश्वर एवं अंतरराष्ट्रीय धर्मगुरु श्री रतन वशिष्ठ जी महाराज के मुखारविंद से हुआ। उनकी ओजस्वी वाणी और मधुर प्रवचन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
पंचम दिवस की कथा का मुख्य आकर्षण रहा छठी देवी व्रत कथा का विशद वर्णन। महाराजश्री ने इस अवसर पर स्वयं की रचित छठी माई के भजनों का गायन भी किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की महिमा का श्रवण किया और मंत्रमुग्ध हो गए।
महाराजश्री ने कहा कि “शिव कथा केवल ज्ञान नहीं, आत्मशुद्धि का माध्यम है। जो भक्त पूरे मन से कथा सुनता है, उसे मोक्ष मार्ग की प्राप्ति होती है।” उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा के अंतिम दिवस 29 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आह्वान किया। उस दिन उपमन्यु चरित्र का वर्णन और भव्य यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ के बीच अजगरा विधायक त्रिभुवन राम, कांग्रेस अध्यक्ष सतीश चौबे (पूर्व ब्लॉक प्रमुख चोलापुर), भाजपा जिलाध्यक्ष बाबा जी, करुणाशंकर उपाध्याय (अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष, इस्का), जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी आशीष चौबे, श्रवण सेठ (मंडल अध्यक्ष, सवर्ण समाज), अनिल चौबे सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का व्यासपीठ पर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
महाराजश्री के आशीर्वचनों और दिव्य भजनों से पूरा वनशक्ति धाम शिवमय हो उठा। श्रद्धालु अब कथा के अंतिम दिवस के लिए उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं, जब समापन दिवस पर भव्य आयोजन के साथ यह सात दिवसीय कथा पूर्ण होगी।




